मुहम्मद बाक़ा खान जिलानी – जिसे बड़े खिलाड़ी को गालियां देने के लिए टीम इंडिया में टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला

भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य बनना हर क्रिकेटर का सपना होता है। आज हम आपको मुहम्मद बाक़ा खान जिलानी की कहानी बताने जा रहे हैं, जो बड़े खिलाड़ी को गालियां देने के लिए टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने का मौका प्राप्त कर चुके हैं।
मुहम्मद बाक़ा खान जिलानी एक पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं जिन्होंने बाद में भारत की नागरिकता ली थी। उन्होंने पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट मैच 1952 में पाकिस्तान टीम के साथ खेला था।
वह अपनी क्रिकेट करियर के दौरान एक बड़ी विवाद में फंस गए थे। उन्होंने अपनी टीम के एक स्टार खिलाड़ी को गालियां दी थी जिसके कारण उन्हें टीम से निकाल दिया गया था।
कुछ समय बाद, भारत में क्रिकेट मैच खेलने के लिए एक तलाश कर रही टीम थी। जिलानी ने अपने अनुभव के आधार पर टीम को लोगों के बीच घृणा फैलाने वाले खिलाड़ी को संभालने का सुझाव दिया। उन्होंने टीम के साथ प्रशिक्षण शुरू किया और शीघ्र ही टीम में शामिल हो गए।
उन्हें 1959 में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला था। यह मैच दिल्ली में खेला गया था। जिलानी ने मैच में तीन विकेट लिए और पहले इनिंग में 13 रन बनाए। हालांकि, दूसरे इनिंग में वह सिर्फ एक रन बना पाए थे।
उन्हें उनके अनुभवों और अंतिम दिन के शानदार गेंदबाजी के कारण खिलाड़ी के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने टीम को अधिकतम फायदे पहुंचाने के लिए सफलतापूर्वक खेला।
लेकिन उनके अभद्र शब्दों के कारण वे बाद में अपनी करियर से सन्नाटा में रह गए। उन्होंने खेल में अपना अहम महसूस करते हुए अनुचित शब्दों का उपयोग किया था,
जिलानी के बाद भी, कुछ खिलाड़ियों ने अपने साथी खिलाड़ियों पर गुस्सा निकाला और उन्हें घृणित करने लगे। इसके बाद बोर्ड ने एक नियम बनाया जिसमें अनुचित भाषण करने वाले खिलाड़ियों को सख्त सजा दी जाएगी। इससे पहले, ऐसे विवादों के बावजूद, खिलाड़ियों के अनुचित शब्दों को ध्यान में नहीं लिया जाता था।
जिलानी जैसे खिलाड़ियों के अनुभव से हमें सीख मिलती है कि हमें समय-समय पर अपनी भाषा और व्यवहार का जायजा लेना चाहिए। खेल या किसी अन्य क्षेत्र में, हमें हमेशा सभ्य और विनम्र रहना चाहिए। उन्होंने यह सबक भी सीखाया है कि क्रिकेट एक समूहित खेल है और हमें अपने साथियों का सम्मान करना चाहिए।
आखिर में, हमें यह समझना चाहिए कि खेल में सफलता के लिए सिर्फ खुशहाल माहौल या अच्छी टीम की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि उत्तम व्यवहार और भाषा का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। हमेशा याद रखें